बेतिया | पुर्व जिला पार्षद सुनील कुमार राव ने गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल बेतिया में मिडिया कर्मियों के साथ मारपीट कर मोबाइल छीननें की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल बेतिया का ऐसा लग रहा है कि विवादों से चोली दामन का संबंध है। यहां आरोप लगता है.
प्रशासन द्वारा कार्रवाई का आश्वासन मिलता है,फिर एक दो दिनों बाद वही पुरानी स्थिति बन जाती है।मरीजों का ठीक ढंग से इलाज नहीं करना और इसपर आपत्ति जताने पर मेडिकल कॉलेज के स्टाफ, मेडिकल के छात्र, गार्ड और प्राइवेट हॉस्पिटलों के दलाल मरीजों के परिजनों, विवाद को कवरेज करने वाले पत्रकार, छायाकार,यूट्यूबर्स और जनप्रतिनिधियों आदि के साथ दुर्व्यवहार और पिटाई आम बात बनते गई है।
हाल ही में मरीज़ के परिजनों की पिटाई को कवरेज करने गए पत्रकारों पर जिस तरह से पुलिस और प्रशासन के जबाब देह पदाधिकारियों के सामने पिटाई कर मोबाइल छीननें की घटनाएं हुई जो स्पष्ट कर रहीं हैं कि गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल बेतिया में कानून का राज़ नही चलता है।
गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल बेतिया के दुर्दशा के कारणों में है चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ और बाबुओं का लंबे समय से यहां बने रहना है। इनके संबंध जनप्रतिनिधियों, प्रशासन के अधिकारियों और दबंगो से होने की वजह से कुछ नहीं हो पाता है।
गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल बेतिया में कार्यरत चिकित्सकों में खासकर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल बेतिया के सरकारी पद धारी चिकित्सक भी प्राइवेट क्लीनिक धड़ल्ले से चला रहे हैं।
उनपर कोई रोक टोक नहीं है नहीं कोई कानून हैं। ऐसे में वे नहीं चाहते कि हॉस्पिटल में कोई ऐसा विवाद हो ताकि उनपर कोई प्रभाव पड़े । इसलिए मेडिकल स्टाफ और छात्रों को रोकने के बजाय चुप रह मामला देखते रहते हैं।
पता नहीं एक ही जगह पर वर्षों से क्यों मेडिकल कॉलेज के पदाधिकारी और कर्मचारी बने हुए हैं।लाख टके का एक सवाल है कि इनका तबादला क्यों नहीं होता है। अगर ऐसा होता है तो मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल बेतिया का शिकायत कुछ हद तक कम किया जा सकता है।अब इसके लिए दृढ़ इच्छा शक्ती की जरूरत है जो दबाव, प्रभाव में कोई काम नहीं करें।
जिला पदाधिकारी से हमारी मांग है कि तमाम बिंदुओं पर जांचोपरांत निर्ममता पूर्वक आवश्यक कदम उठाया जाए ताकि उत्तर बिहार का एक मात्र गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल बेतिया लोगों के लिए वरदान साबित हो सके।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें
Tell Your Opinion here!