मानसिक स्वास्थ्य किसी भी समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद है। इसी विषय को केंद्र में रखते हुए जिला स्वास्थ्य समिति, पश्चिम चंपारण (बेतिया) द्वारा आयोजित एक दिवसीय वर्कशॉप में विशेषज्ञों ने बताया कि मानसिक रूप से स्वस्थ नागरिक ही परिवार, समाज और राष्ट्र को मजबूत बना सकते हैं।
मुख्य बिंदु:
- डॉक्टर मुर्तजा अंसारी ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के बिना व्यक्ति, परिवार और समाज का उत्थान संभव नहीं है।
- आज के समय में बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक तनाव में जीवन जी रहे हैं, जिससे पारिवारिक टूटन और वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ रही है।
- मानसिक अस्वस्थता के कारण शिजोफ्रेनिया, डिप्रेशन, OCD और एंग्जायटी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
- 4D तकनीक के जरिए गर्भ में पल रहे शिशु पर भी तनाव के प्रभाव को पहचाना जा सकता है।
- समाधान के रूप में परिवार में आपसी संवाद, साथ बैठकर बात करना और धूम्रपान जैसी आदतों से दूरी बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बेतिया | किसी भी देश की लिए उसके नागरिकों का मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखना उसके उज्जवल भविष्य का प्रतीक है, इस तरह की बातें जिला स्वास्थ्य समिति पश्चिम चंपारण बेतिया द्वारा आयोजित एक दिवसीय वर्कशॉप में बताते हुए डॉक्टर मुर्तजा अंसारी ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ होना अति आवश्यक है इसके बिना व्यक्ति घर परिवार एवं समाज का उत्थान असंभव है.
आज के समाज में प्रायः है देखा जा रहा है कि बूढ़े से बच्चे तक सभी लोग तनाव की स्थिति में अपनी जीवन यापन कर रहे हैं, यही तनाव घर बार को तोड़ने का काम कर रहा है जिस कारण लोग वृद्ध आश्रम में पहुंचाए जा रहे हैं, आपस में दूरियां बढ़ती जा रही है हमारा समाज जो कई लोगों का एक परिवार हुआ करता था, आज एक ही परिवार में मां-बाप वृद्धा आश्रम में अपनी जिंदगी बसर करने को मजबूर हैं, मानसिक अस्वस्थ होने के कारण शिजोफ्रेनिया ,डिप्रेशन ,ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर, एंग्जायटी, चिंता अथवा उलझन इस कदर हमारे समाज में विकसित हो गया है कि हमारे नन्हे बच्चे ही नहीं बल्कि मां की पेट में पल रहे बच्चे भी इससे ग्रसित होकर इस दुनिया में आने लगे हैं ,जो पूरी दुनिया के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है.
डॉक्टर मुर्तजा अंसारी ने इस संबंध में आगे जानकारी देते हुए बताया कि 4D के जरिए हम गर्भ के बच्चे के अंदर तनाव आदि आसानी से देखकर पता लगा सकते हैं, इस चर्चा में निदान स्वरूप यह बात सामने आई कि माता-पिता घर परिवार के लोग एक दूसरे के साथ आवश्यक रूप में मिल बैठकर बातें साझा करें.
यह अति आवश्यक है इससे सबों के अंदर कभी मानसिक तनाव उत्पन्न नहीं हैगा और हमारा पूरा परिवार स्वस्थ एवं सुखी रहेगा बेतिया के एक निजी होटल में इस एकदिवसीय वर्कशॉप में विभाग के अधिकारियों ने धूम्रपान के नुकसान और इसे छोड़ने के फायदे भी बताएं मानसिक तनाव एवं जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के इस वर्कशॉप में उपस्थित लोगों के बीच में स्वास्थ्य विभाग के ए सी एम ओ डॉक्टर चंद्रा, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर वरुण कुमार श्रीवास्तव, साइकोलॉजिस्ट डॉक्टर अभिषेक कुमार के द्वाराद्वारा काफी कुछ जानकारी प्रदान की गई

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