“तालीम ही तरक्की की असली बुनियाद है” — Association of Muslim Doctors के वार्षिक उत्सव में बच्चियों की शिक्षा पर जोर

बेतिया | शहर के एक निजी होटल में आयोजित Association of Muslim Doctors के 17वें वार्षिक उत्सव में मुस्लिम समाज में शिक्षा, खासकर बच्चियों की तालीम को लेकर गंभीर मंथन हुआ। वक्ताओं ने कहा कि तालीम ही तरक्की की असली बुनियाद है और जब तक समाज शिक्षित नहीं होगा, तब तक पिछड़ापन दूर नहीं हो सकता।

मुख्य बिंदु:

  1. अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी अब्दुल राशिद ने कहा कि मुस्लिम समाज, विशेष रूप से बच्चियों में शिक्षा की भारी कमी है।
  2. उन्होंने बुद्धिजीवियों से समाज में शिक्षा का अलख जगाने और बच्चियों को जागरूक करने की अपील की।
  3. पटना से आए राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रो. मो. अतहर अंसारी ने कहा कि बच्चों की तालीम के लिए कुर्बानी जरूरी है, चाहे एक वक्त का खाना छोड़ना पड़े।
  4. एम. शकील ने कहा कि केवल सरकार पर निर्भर रहने के बजाय हर व्यक्ति खुद आगे आए और कम से कम एक गरीब बच्चे या बच्ची की शिक्षा में मदद करे।
  5. सेमिनार का विषय “उम्मत का हाल और हमारी जिम्मेदारियां” रहा, मंच संचालन जूनैद शम्स ने किया, कार्यक्रम में कई डॉक्टर, अधिकारी और समाजसेवी मौजूद रहे।

बेतिया | तालीम की बुनियाद पर ही मुसलमानो की कामयाबी संभव हो सकती है। शिक्षा की बहुत ही कमी मुसलमानो के अंदर है, विशेष रूप से बच्चियों के अंदर शिक्षा की बहुत ही कमी पाई जाती है।

उक्त बाते अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी अब्दुल राशिद ने कही। वे शनिवार की रात्रि शहर के एक निजी होटल के सभागार मे आयोजित एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम डॉक्टर के 17वीं वार्षिक उत्सव को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा की मुसलमानो के अंदर शिक्षा का प्रतिशत बहुत ही कम है।

एसोसिएशन मे उपस्थित मुस्लिम बुद्धिजीवी लोगो से मुस्लिम समाज मे शिक्षा का अलख जगाने और विशेष रूप से बच्चियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।

डॉ मुर्तुजा अंसारी ने कहा “मुसलमानो के अंदर शिक्षा को बढ़ावा देने का काम हम सब का है”

Dr. Murtaza Ansari 

इस सम्मेलन मे पटना से आए एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम डॉक्टर्स के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर प्रोफेसर मो. अतहर अंसारी ने कहा कि “मुसलमानो के अंदर शिक्षा को बढ़ावा देने का काम हम सब का है, हम लोग एक वक्त का खाना न खाए, लेकिन अपने बच्चे- बच्चियों को शिक्षा दिलाए। जब तक हमारा समाज शिक्षित नही होगा तब तक हम पिछड़े रहेंगे, अपनी आवाज को बुलंद नही कर सकते है। उन्होंने समाज के लोगो को आगे आने और समाज मे शिक्षा का अलख जगाने की अपील की।”

एम. शकील ने कहा “सिर्फ दूसरों की शिकायत करना तरक्की की अलामत नहीं”

एम. शकील(संपादक: बेतिया टाइम्स)ने अपने संबोधन में कहा कि “सब लोग सरकार एवं सरकारी संस्थाओं की मदद, अनुदान पर चर्चा तो करते हैं लेकिन कोई भी जमीनी सतह पर आकर स्वयं काम नहीं करता है काम जो भी हो हमको खुद जाकर करना होगा, सिर्फ दूसरों की शिकायत करना तरक्की की अलामत नहीं है, हम में हर एक शख्स यह कोशिश करे, स्वयं अपने परिवार के अलावा रिश्तेदार एवं मोहल्ले के किसी एक गरीब बच्चे, बच्ची की शिक्षा में भरपूर मदद करने की कोशिश करें ताकि आपके जरीए एक बच्चा भी कामयाबी हासिल कर ले, असल में उनवान का मकसद यही है, इस सेमीनार के उनवान उम्मत का हाल और हमारी जिम्मेदारियां  है, इसलिए हम सबको किसी शिकवा शिकायत से बचते हुए अमली तौर पर किसी एक बच्चे को भी उसकी अच्छी तालीम में मदद कर उसे कामयाब करना हकीकत में हमारी असल जिम्मेदारी है।”

मंच का संचालन जूनैद शम्स ने की, मौके पर कृषि पदाधिकारी सरफराज अहमद, नगर निगम के उपायुक्त, डॉक्टर मूर्तुजा अंसारी, चंपारण ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के डॉक्टर सलाहुद्दीन, मोहम्मद फरहान आलम समाजसेवी, इंजीनियर सहमत अली, डॉक्टर नौशेर आलम, जीएमसीएच के मेडिकल के छात्रो- छात्राओं के साथ शहर के बुद्धिजीवी लोग उपस्थित थे।

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