बेतिया, पश्चिम चंपारण: दिलशाद अहमद की पुलिस हिरासत में मौत के मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सहोदरा थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे राजद नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई, 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
मख्य बातें:
- 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड: सहोदरा थानाध्यक्ष समेत छह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई।
- राजद की मांग: निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग।
- 50 लाख मुआवजा: पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग।
- बेटी के भविष्य की चिंता: मृतक की पत्नी ने अपनी चार महीने की बच्ची की परवरिश को लेकर चिंता जताई।
- न्याय की मांग तेज: 13 अक्टूबर को जनाजे में शामिल राजद नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परिवार को सहयोग का भरोसा दिया।
बेतिया। पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में दिलशाद अहमद की पुलिस हिरासत में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए सहोदरा थाना के थानाध्यक्ष समेत छह पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
पुलिस अधीक्षक ने छह पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
पुलिस अधीक्षक, पश्चिम चंपारण-बेतिया की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सहोदरा थाना कांड संख्या 65/25, दिनांक 02 अगस्त 2025 से संबंधित एनडीपीएस एक्ट के अभियुक्त को पुलिस अभिरक्षा में ले जाने के दौरान हुई घटना के संबंध में यह कार्रवाई की गई है।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि मामले को लेकर सहोदरा थाना के निम्नलिखित पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
- पु०अ०नि० रवि शंकर कुमार, थानाध्यक्ष, सहोदरा थाना।
- पु०अ०नि० अरुण कुमार।
- सिपाही संख्या 1453 सौदागर कुमार यादव।
- सिपाही संख्या 1451 राज किशोर ऋषि।
- सिपाही संख्या 1454 कुंदन कुमार।
- चालक सिपाही संख्या 07 सुमन कुमार।
पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच और दोषियों की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पीड़ित परिवार से मिले राजद के वरिष्ठ नेता
घटना के बाद राजद के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। नेताओं ने परिजनों को सांत्वना दी और न्याय की लड़ाई में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की।
राजद नेताओं ने बिहार सरकार से पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग भी की। उनका कहना था कि परिवार को इस कठिन परिस्थिति में आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए, ताकि वह अपनी जिंदगी दोबारा संभाल सके।
चार महीने की बेटी के भविष्य को लेकर चिंतित पत्नी
मृतक दिलशाद अहमद की पत्नी ने भावुक होकर बताया कि उनकी शादी महज एक साल पहले हुई थी और उनकी चार महीने की एक बेटी है। पति की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब उनकी मासूम बच्ची की परवरिश और उसके भविष्य की जिम्मेदारी कौन उठाएगा।
पत्नी की इस पीड़ा ने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। राजद नेताओं ने परिवार को न्याय दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
जनाजे में शामिल हुए नेता और कार्यकर्ता
13 अक्टूबर को दिलशाद अहमद के जनाजे में राजद के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना से जुड़ी जानकारी ली और न्याय की मांग को आगे उठाने का भरोसा दिया।
पीड़ित परिवार से मिलने वालों में हरसिद्धि के पूर्व विधायक राजेंद्र राम, कल्याणपुर के पूर्व विधायक मनोज यादव, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. शमीम अहमद, राजद प्रदेश उपाध्यक्ष संजय निराला, वर्तमान विधान पार्षद सौरभ कुमार, पूर्व जिलाध्यक्ष मुन्ना त्यागी, राजद नगर अध्यक्ष अमजद खान, अरशद देवराजी, इंद्रजीत यादव और शंभू तिवारी सहित कई नेता एवं कार्यकर्ता शामिल रहे। इस मौके पर एआईएमआईएम के जिला अध्यक्ष नबीउल हक समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक भी मौजूद थे।
जांच और न्याय पर टिकी निगाहें
दिलशाद अहमद की मौत के मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा छह कर्मियों को निलंबित किए जाने के बाद अब जांच के निष्कर्षों पर सबकी निगाहें टिकी हैं। वहीं, पीड़ित परिवार और राजद नेताओं की ओर से मुआवजे, सरकारी नौकरी और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। मामले में घटना की पूरी परिस्थितियां और जिम्मेदारी जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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