दिलशाद अंसारी की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग, परिजनों से मिला इमारत-ए-शरिया का प्रतिनिधिमंडल

पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता का आश्वासन, चार माह की बच्ची के लिए मुआवजा और विधवा को सरकारी नौकरी देने की मांग

बेतिया, 16 अक्टूबर | अमीर-ए-शरीअत हजरत मौलाना सैयद अहमद वली फैसल रहमानी साहब के निर्देश तथा नाजिम इमारत-ए-शरिया के परामर्श पर शुक्रवार को तंजीम इमारत-ए-शरिया, जिला पश्चिमी चंपारण का एक प्रतिनिधिमंडल ओरिया बरई टोला पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत दिलशाद अहमद अंसारी के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली तथा शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए न्याय के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तंजीम के सचिव एवं इमारत एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के चेयरमैन अधिवक्ता जाकिर बलीग ने किया। इसमें तंजीम के अध्यक्ष मौलाना महबूब आलम नोमानी, संयुक्त सचिव नफीस जुलकर्नैन कासमी, बेतिया प्रखंड अध्यक्ष हाजी नियाज अहमद और सचिव डॉ. मुजीबुर्रहमान खान शामिल थे।

परिजनों ने पुलिस के साथ ले जाने और अस्पताल में मौत की बात कही

दिवंगत के पिता अकबर अंसारी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि 12 अक्टूबर की रात करीब दो बजे बानूछापर थाने की प्रभारी मधु कुमारी के नेतृत्व में बानूछापर और शिकारपुर थाने की पुलिस उनके घर पहुंची थी। उनके अनुसार, पुलिस ने एक मामले के संबंध में पूछताछ करने की बात कही और दिलशाद को अपने साथ ले गई।

अकबर अंसारी ने बताया कि दिलशाद को रातभर किसी अज्ञात स्थान पर रखा गया। उनके मुताबिक, सुबह करीब पांच बजे उनके मोबाइल पर फोन आया कि दिलशाद की तबीयत खराब है और उन्हें जीएमसीएच, बेतिया पहुंचने को कहा गया। अस्पताल पहुंचने पर उन्होंने अपने बेटे को मृत अवस्था में पाया। पिता के अनुसार, दिलशाद के सिर पर चोट के निशान थे और वहां से खून बह रहा था।

परिजनों द्वारा बताए गए इन तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दिलशाद की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट पता जांच और संबंधित चिकित्सकीय एवं अन्य अभिलेखों के आधार पर ही चल सकेगा। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष जांच और तथ्यों को सामने लाने की मांग की।

कानून के दायरे में कार्रवाई की मांग

तंजीम के अध्यक्ष मौलाना महबूब आलम नोमानी ने कहा कि पुलिस की जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा करना और कानून के अनुसार काम करना है। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने दिलशाद की मौत को दुखद बताते हुए संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

कानूनी सहायता का आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल के नेतृत्वकर्ता अधिवक्ता जाकिर बलीग ने कहा कि दिलशाद अहमद अंसारी के परिवार को न्याय दिलाने के लिए तंजीम इमारत-ए-शरिया हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि संगठन पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और मामले की पैरवी करने का प्रयास करेगा।

बच्ची के लिए मुआवजा और विधवा को नौकरी देने की मांग

तंजीम के संयुक्त सचिव नफीस जुलकर्नैन कासमी ने राज्य सरकार और संबंधित उच्चाधिकारियों से मामले की पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।

उन्होंने दिवंगत की चार माह की बच्ची नेमत नाज के पालन-पोषण के लिए उचित मुआवजा देने और उनकी पत्नी नगमा खातून को जीवन-यापन में सहायता के उद्देश्य से सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की भी मांग की।

अमीर-ए-शरीअत की ओर से संवेदना

इमारत-ए-शरिया के प्रभारी नाजिम मौलाना मुहम्मद सोहराब आलम नदवी ने भी दिवंगत के पिता अकबर अंसारी से टेलीफोन पर बातचीत की। उन्होंने अमीर-ए-शरीअत और अपनी ओर से शोक संवेदना व्यक्त करते हुए परिवार को आश्वासन दिया कि न्याय की दिशा में इमारत-ए-शरिया हरसंभव सहयोग करेगी।

इस अवसर पर ओरिया पंचायत के मुखिया रंजन वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता मुहम्मद शरफुद्दीन सहित कई स्थानीय लोग मौजूद थे।

प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि संगठन इस कठिन समय में उनके साथ है और न्याय के लिए आवश्यक सहयोग जारी रखेगा।

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