दिलशाद अंसारी की हिरासत में मौत के मामले में सभी दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो: भाकपा माले

पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी देने की मांग

बेतिया, 13 अक्टूबर 2026। दिलशाद अंसारी की संदिग्ध मौत के मामले में भाकपा माले और इंसाफ मंच ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मंगलवार को दोनों संगठनों की संयुक्त जांच टीम औरैया गांव पहुंची और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली। 

टीम ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को स्थायी सरकारी नौकरी देने की मांग की।

इस दौरान इंसाफ मंच के जिला अध्यक्ष अख्तर इमाम और भाकपा माले बिहार राज्य कमिटी के सदस्य फरहान राजा ने कहा कि दिलशाद अंसारी की मौत का मामला संदिग्ध है और इसे पुलिस हिरासत में हुई मौत (कस्टोडियल डेथ) के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन सहोदरा थाना के कर्मियों को बचाने के लिए मामले में लीपापोती करने में जुटा है।

नेताओं ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पुलिस हिरासत में दिलशाद अंसारी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने मांग की कि जांच में दोषी पाए जाने वाले सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

संयुक्त जांच टीम ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो भाकपा माले बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

जांच टीम में ये लोग थे शामिल

संयुक्त जांच टीम में संजय यादव, रुस्तम मियां, विनोद यादव, हाकिम मियां, नंदकिशोर ठाकुर, फरहान राजा, जांच टीम के द्वारा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उपरोक्त बातें बताई गई है

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