साम्राज्यवाद विरोधी दिवस पर बेतिया में किसान महासभा का मार्च, भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द करने की मांग

ट्रंप, मोदी और सम्राट चौधरी की नीतियों के खिलाफ किसानों ने बुलंद की आवाज; सैटेलाइट टाउनशिप और लैंड पुलिंग नीति वापस लेने की मांग

बेतिया । साम्राज्यवाद विरोधी दिवस के अवसर पर रविवार को अखिल भारतीय किसान महासभा के नेतृत्व में बेतिया में किसानों ने विरोध मार्च निकाला। मार्च के दौरान भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता रद्द करने, बिहार में प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं और लैंड पुलिंग नीति वापस लेने तथा यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग उठाई गई।

मार्च शहीद पार्क से जिला कलेक्ट्रेट तक निकाला गया, जहां सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान किसानों ने केंद्र और बिहार सरकार की कृषि नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने कहा कि भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते के खिलाफ किसानों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने कहा कि किसानों को गुलाम बनाने वाली नीतियों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बिहार में सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं और लैंड पुलिंग नीति के माध्यम से कृषि भूमि के अधिग्रहण की कोशिश का भी विरोध किया।

अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार राव ने कहा कि भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौता भारतीय खेती के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। उनके अनुसार, समझौते के जरिए अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए भारतीय कृषि बाजार खोले जाने की आशंका है। उन्होंने दावा किया कि सस्ते अमेरिकी कृषि उत्पादों के आयात से छोटे और मध्यम किसानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा देश की खाद्य सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।

वहीं, किसान महासभा के जिला सचिव इंद्रदेव कुशवाहा ने कहा कि कृषि संकट का समाधान करने के बजाय विकास के नाम पर कृषि भूमि का गैर-कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।

किसान महासभा के राज्य पार्षद बिनोद यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में प्रस्तावित 12 सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं और लैंड पुलिंग नीति के जरिए बड़े पैमाने पर कृषि भूमि को कॉरपोरेट हितों के लिए इस्तेमाल करने की योजना बनाई जा रही है। उन्होंने सरकार से इस नीति को तत्काल वापस लेने की मांग की।

किसान महासभा के जिला नेता संजय यादव ने भी कृषि भूमि के अधिग्रहण को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ‘अनसर्वे लैंड’ के नाम पर भी बड़ी मात्रा में कृषि भूमि लिए जाने की आशंका है। उन्होंने इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताया।

जिला नेता सुजायत अंसारी ने कहा कि बिहार में कृषि भूमि पर पहले से ही आबादी का भारी दबाव है। हाईवे और औद्योगिक कॉरिडोर के नाम पर बड़े पैमाने पर कृषि भूमि के उपयोग में बदलाव से भविष्य में खाद्यान्न संकट और पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है।

किसान नेता अब्दुल खैर ने किसानों से अपने भविष्य को बचाने के लिए संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी से किसान परेशान हैं। सरकार को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगानी चाहिए।

कार्यक्रम में किसान नेता व पूर्व मुखिया रामबाबू महतो, मुखिया संघ अध्यक्ष नवीन कुमार, एक्टू जिला अध्यक्ष जवाहर प्रसाद, इनौस जिला अध्यक्ष फरहान राजा, हरे राम यादव, मंगल यादव, कलाम अंसारी, इस्लाम अंसारी, संजय राम, अच्छे लाल राम, सिताराम राम, हारुन गद्दी, बिनोद कुशवाहा, जोखू चौधरी, अशोक कुशवाहा, भरत शर्मा, सुरेंद्र चौधरी, शौकत अली, मुन्ना अंसारी सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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