संविधान और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर भाकपा की पदयात्रा, चनपटिया में महंगाई-बेरोजगारी के खिलाफ गूंजे नारे

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर भाकपा की पदयात्रा, चनपटिया में महंगाई-बेरोजगारी के खिलाफ गूंजे नारे

बेतिया। राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की ओर से चलाए जा रहे पदयात्रा अभियान के तहत चनपटिया अंचल कमिटी ने कुमारबाग से विशाल पदयात्रा निकाली। पदयात्रा का नेतृत्व भाकपा जिला सचिव सह राज्य कार्यसमिति सदस्य ओम प्रकाश क्रांति ने किया। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने संविधान और लोकतंत्र की रक्षा, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बढ़ते अपराध और किसानों की समस्याओं को लेकर जमकर नारेबाजी की।

कुमारबाग से शुरू हुई पदयात्रा महना, कैथवलिया, चनपटिया बाजार, पकड़ीहार, पीपरा, तुलाराम घाट, बकुलहर, टेंगरहिया चौक, घोघा चौक, लोहियरिया चौक और तिरहुतिया चौक सहित दर्जनों गांवों और इलाकों से होकर गुजरी। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने आम लोगों के बीच जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की।

किसानों और युवाओं के मुद्दे उठाए

पदयात्रा के दौरान किसानों के सभी प्रकार के कर्ज माफ करने, चारों लेबर कोड वापस लेने, दलितों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की गारंटी सुनिश्चित करने, पेपर लीक पर रोक लगाने तथा पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग की गई।

कार्यकर्ताओं ने खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, गरीबों को उजाड़ने की कार्रवाई बंद करने, सेटेलाइट सिटी के नाम पर किसानों की जमीन लेने की नीति का विरोध करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों के घरों पर लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग भी उठाई। इसके अलावा नफरत की राजनीति पर रोक लगाने तथा छात्रों और नौजवानों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई।

कॉरपोरेट नीतियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना

पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे ओम प्रकाश क्रांति ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार जिस विकास का दावा कर रही है, उसका लाभ आम जनता की बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों और गरीब तबके पर सरकार की नीतियों का सबसे अधिक असर पड़ रहा है।

उन्होंने अमेरिका के दबाव में सरकार द्वारा फैसले लिए जाने का आरोप लगाते हुए यूपीआई और डिजिटल भुगतान से जुड़े टैक्स के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक ओर बड़े कॉरपोरेट घरानों के कर्ज माफ किए जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर किसान कर्ज के बोझ से दबे हैं। उन्होंने रोजगार और भविष्य की सुरक्षा को लेकर छात्रों और युवाओं की समस्याओं पर भी चिंता जताई।

इथेनॉल मिश्रण और बुनियादी ढांचे पर भी सवाल

भाकपा नेता ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण को लेकर भी सवाल उठाया और सरकार पर कारोबारी हितों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने देश में नवनिर्मित सड़कों और पुलों के क्षतिग्रस्त होने का मुद्दा उठाते हुए व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग की।

चनपटिया की चीनी मिल और कुमारबाग स्टील प्लांट का मुद्दा उठा

ओम प्रकाश क्रांति ने चनपटिया क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं को लेकर भी सरकार और प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि कुमारबाग स्टील प्रोसेसिंग प्लांट वर्षों से बंद पड़ा है, जबकि चनपटिया की चीनी मिल भी लंबे समय से बंद है। उन्होंने कहा कि चनपटिया गन्ना उत्पादक क्षेत्र होने के बावजूद किसानों को अपना गन्ना नरकटियागंज, रामनगर और मझौलिया की चीनी मिलों तक ले जाना पड़ता है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब चनपटिया खुद प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्र है तो यहां की बंद पड़ी चीनी मिल को अब तक क्यों नहीं चालू किया गया। उन्होंने कुमारबाग स्टील प्रोसेसिंग प्लांट को अन्यत्र ले जाने की कथित कोशिश पर भी सवाल उठाया।

नगर पंचायत की बदहाल स्थिति पर चिंता

भाकपा नेता ने चनपटिया नगर पंचायत की बदहाल स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र लगातार विभिन्न समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता से जुड़े इन सवालों को लेकर आगे भी आंदोलन जारी रखेगी और किसानों, मजदूरों, छात्रों, नौजवानों तथा आम लोगों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।

पदयात्रा में जिला नेता बब्लू दूबे, राधामोहन यादव, गंगा वर्मा, तारीक, अंचल सचिव मदन शर्मा, बहादुर महतो, पप्पू, मोज्जमिल, नारायण भगत, आमना खातून, मोहन यादव, एन.डी. तिवारी सहित दर्जनों पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर नारेबाजी की और लोगों को जागरूक करते हुए आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।

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