सरकार से वार्ता में सफाई कर्मियों के साथ फिर हुआ छलावा - रवीन्द्र कुमार 'रवि'

बिना मांग पूरी किये हड़ताल खत्म कराना सफाई कर्मियों के साथ विश्वासघात - एसोसिएशन

बेतिया | नगर निकाय के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के आठवें दिन नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा द्वारा कर्मियों के तथाकथित स्वयंभू नेता इंटक के चन्द्रप्रकाश सिंह, निकाय कर्मचारी संघ के चन्द्रशेखर सिंह और लोकल बॉडी के नेताओं के साथ मिलकर नगर निगम के सफाई कर्मियों के चल रहे हड़ताल को बिना मांग पूरा किये सरकार के एक अदद लड्डू पर हड़ताल को समाप्त करा देने की घोषणा कर एक बार फिर से समाज के एक बड़ा हिस्सा महादलित और गरीबों के जीवन से विश्वासघात कर बैठें। 

उक्त बातें प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ऑल इंडिया म्युनिसिपल वर्कर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी सह ट्रेड यूनियन सेन्टर ऑफ इंडिया के केन्द्रीय नेता कॉमरेड रवीन्द्र कुमार 'रवि' ने कहा की वर्ष 2017 से 2021 के बीच इसी तरह के हुवे सफाई कर्मियों की हड़ताल की घोषणा इंटक, निकाय कर्मचारी संघ और लोकल बॉडी इंप्लाइज संघ के संयुक्त आह्वान पर किया गया था।

उस वक्त बीच में ही सफाई कर्मियों को छोड़ कर लोकल बॉडी इंप्लाइज संघ के नेता पीछे हट गयें और इंटक तथा निकाय कर्मचारी संघ के नेता सरकार से मिलकर कुछ अनपढ़ तथा कम पढ़े लिखे सफाई कर्मियों को बहला फुसलाकर मांगें पूरी हो गयी की झूठी बात कह कर मासूम कर्मचारियों के साथ एक बार फिर विश्वासघात कर दियें। 

एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी रवीन्द्र कुमार 'रवि' ने बताया कि प्रधान सचिव नगर विकास एवं आवास विभाग बिहार सरकार को अपनी मांग पत्र में दो मांगों को ही रखा था जिसमें यह बात थी कि नियमितिकरण और सेवा सुरक्षा की गारंटी तथा दुसरी मांग आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त किया जाए। 

सेम यही मांग इंटक, निकाय कर्मचारी संघ और लोकल बॉडी इंप्लाइज संघ का भी था तो इन मांगों को लेकर स्वयंभू नेताओं से मंत्री नीतीश मिश्रा की कुछ भी बात नहीं हो सकी और सरकारी लड्डू खाकर तथाकथित संगठनों के नेता आनन फानन में हड़ताल को समाप्त करने की घोषणा कर दिये जो सफाई कर्मियो और उनके आने वाली पीढ़ियों के साथ विश्वासघात है। कॉमरेड रवीन्द्र ने चेतावनी के साथ जोर देकर कहा की सफाई कर्मियों के नाम पर संघ, संगठनों द्वारा चंदा और झंडा ढ़ोने की धंधा पर स्वयंभू नेता इस पर रोक लगायें। ऑल इंडिया म्युनिसिपल वर्कर्स एसोसिएशन स्पष्ट किया की सफाई कर्मचारियों के भविष्य के लिए बिहार में उनकी पक्की नौकरी और आउटसोर्स व्यवस्था को समाप्त कराने के सवाल पर सफाई कर्मियों के साथ मिलकर अपना संघर्ष जारी रखते हुए शीघ्र एक बड़ा आन्दोलन को खड़ा किया जाएगा।

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