पटना में भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ और अन्य छात्र नेताओं की आवास से गिरफ्तारी व जेल- लोकतंत्र और विपक्ष का गला घोंटने की तरह
पेपर लीक आंदोलन में बिहार और पूरे देश में हुए मुकदमे वापस ले सरकार
30 जूलाई को प्रतिवाद मार्च
दिल्ली वार्ता के विरुद्ध दमन चला रही भाजपा सरकार
बेतिया बिहार बंद के कार्यक्रम के बाद छुपे हुए 16 बच्चों को गिरफ्तार करना पुलिस की घोर निंदनीय कार्यवाही है, ऐसा कर पुलिस जुलूस प्रदर्शन जैसे लोकतांत्रिक कार्रवाई पर पुलिसिया खौफ कायम कर रही है।
जो बिहार की भाजपा सरकार के बुलडोजर राज के लिए जरूरी दिशा निर्देश के तहत है। भाकपा माले नेता व सिकटा के पूर्व विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने बेतिया,पटना और देश में पेपर लीक आंदोलन में शामिल सभी जगहों पर गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने और मुकदमे वापस लेने की मांग की है। उन्होंने इस क्रम में आगे कहा कि दिल्ली में आंदोलन के नेताओं से वार्ता में सभी मुकदमों की वापसी और रिहाई की बात हुई थी। जिसे बिहार में भाजपा की ही सरकार नहीं पालन कर रही है। भाजपा और उसकी सरकार भरोसे की नहीं है।लोकतंत्र इनके हाथों में सुरक्षित नहीं है।
इन्कलाबी नौजवान सभा नेता फरहान राजा ने कहा कि पटना से धनंजय पासवान,दीपांकर मिश्रा, सबा आफरीन, दिव्यम जैसे आइसा नेताओं के साथ भाकपा माले विधायक संदीप सौरभ की उनको आवास से पहले गिरफ्तार करने और फिर मुकदमा कर जेल में डालने की कार्रवाई को लोकतंत्र का गला घोंटने की कार्रवाई बताया
30 जुलाई को जिला प्रशासन और राज्य सरकार की कार्रवाई के खिलाफ बच्चों की रिहाई के लिए जिला व्यापी आइसा , इन्कलाबी नौजवान सभा और भाकपा माले के संयुक्त प्रतिवाद मार्च में सभी न्याय पसंद लोगों को शामिल होने का आह्वान किया है।

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