बेतिया में बिहार बंद का व्यापक असर, छात्र-युवा संगठनों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण संपन्न

बेतिया। आइसा (AISA) और इन्कलाबी नौजवान सभा के आह्वान पर शुक्रवार को विभिन्न मांगों को लेकर बेतिया में बिहार बंद का व्यापक असर देखने को मिला। छात्र-युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा पत्र लीक के दोषियों पर कार्रवाई, एनटीए को भंग करने, नई शिक्षा नीति वापस लेने तथा पटना और दिल्ली में गिरफ्तार छात्र नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन शहीद पार्क से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए समाहरणालय चौक पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-युवा शामिल हुए और विभिन्न मांगों के समर्थन में नारे लगाए। समाहरणालय चौक पर कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा।

सभा को संबोधित करते हुए आइसा और इन्कलाबी नौजवान सभा के नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने से करोड़ों छात्र मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे भंग करने तथा नई शिक्षा नीति-2020 को वापस लेने की मांग की। नेताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति गरीब और सामान्य परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा से दूर करने वाली है। साथ ही पटना में गिरफ्तार आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय, राज्य सचिव दीपांकर मिश्रा, सबा आफरीन, दिव्यम, कुमार परवेज सहित अन्य छात्र नेताओं एवं माले विधायक संदीप सौरभ की बिना शर्त रिहाई की भी मांग की।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र-युवाओं के साथ कथित दमन के विरोध में भी नारेबाजी की तथा दिल्ली पुलिस आयुक्त के विरुद्ध कार्रवाई की मांग उठाई।

मिली जानकारी के अनुसार दोपहर करीब 1:30 बजे मुहर्रम चौक के समीप एक छोटे जुलूस के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस पर पथराव किए जाने की सूचना है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आसपास के कुछ लोगों को हिरासत में लिया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार एक हिंदी दैनिक के कार्यालय के एक कर्मचारी सहित करीब 14 लोगों को पूछताछ के लिए नगर थाना लाया गया।

हालांकि मुख्य प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों की सूझबूझ के कारण किसी प्रकार की बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई तथा पुलिस को लाठीचार्ज की आवश्यकता नहीं पड़ी।अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सभी पक्षों के सहयोग से प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही।

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