बेतिया में कैंडल मार्च, आयतुल्लाह अली ख़ामेनई को श्रद्धांजलि

ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की शहादत की खबर के बाद बेतिया में शोक का माहौल बन गया। नया टोला स्थित सैयद मेहदी हुसैन इमामबाड़ा से शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की और विश्व शांति की दुआ की।

मुख्य बिंदु:

  1. नया टोला के सैयद मेहदी हुसैन इमामबाड़ा से शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया।
  2. कार्यक्रम का नेतृत्व मौलाना मुन्तशा अली हसन ने किया।
  3. शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों ने मिलकर भागीदारी की।
  4. इंदिरा चौक पर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की गई।
  5. अंत में विश्व शांति और आपसी सद्भाव के लिए सामूहिक दुआ की गई।
  6. इंसान और इंसानियत के दुश्मन है इजरायल और अमरीका: हुसैन
  7. आयतुल्लाह अली ख़ामेनई की शहादत पर बेतिया में शांतिपूर्ण कैंडल मार्च, गमगीन माहौल में विरोध

बेतिया : ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनई की शहादत की खबर से बेतिया शहर में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार की शाम नया टोला स्थित सैयद मेहदी हुसैन इमामबाड़ा से एक शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला गया। कार्यक्रम इमामबाड़ा के मुतवल्ली सैयद शब्बीर हुसैन के संरक्षण तथा जुमे के इमाम मौलाना मुन्तशा अली हसन के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

कैंडल मार्च में शिया और सुन्नी समुदाय के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रतिभागी हाथों में मोमबत्तियां, तख्तियां और आयतुल्लाह ख़ामेनई की तस्वीरें लिए शांतिपूर्वक आगे बढ़ रहे थे। पूरा वातावरण शोकमय बना रहा और लोग दिवंगत नेता की धार्मिक, वैचारिक और राजनीतिक सेवाओं को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे थे।

मार्च इमामबाड़ा परिसर से शुरू होकर नया टोला की प्रमुख सड़कों से गुजरता हुआ इंदिरा चौक पहुंचा, जहां लोगों ने शहादत की कड़े शब्दों में निंदा की तथा अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से घटना का गंभीर संज्ञान लेने और क्षेत्र में शांति एवं न्याय की स्थापना के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

मौलाना मुन्तशा अली हसन ने अपने संबोधन में कहा कि यह शहादत केवल ईरान ही नहीं, बल्कि पूरी उम्मत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता ने अपना जीवन इस्लाम की बुलंदी, मजलूमों की हिमायत, अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने लोगों से संयम और एकता बनाए रखने की अपील की।

सैयद शब्बीर हुसैन ने कहा कि यह कैंडल मार्च मजलूमों के साथ एकजुटता की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनई की सेवाएं इतिहास में हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखी जाएंगी। उनकी शहादत से एक बड़ा खालीपन अवश्य पैदा हुआ है, लेकिन उनका विचार और संदेश सदैव जीवित और प्रेरणादायक बना रहेगा। उन्होंने सभी से हर हाल में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।

अन्य वक्ताओं ने भी घटना को इस्लामी जगत के लिए गंभीर क्षति बताया और दिवंगत आत्मा की मगफिरत तथा विश्व शांति के लिए दुआ की। कार्यक्रम के अंत में इमामबाड़ा परिसर में सामूहिक प्रार्थना की गई, जिसमें विश्व शांति, स्थिरता और आपसी सद्भाव के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

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