शिक्षा में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का संकल्प, आइसा-आरवाईए-भाकपा (माले) का प्रदर्शन

बेतिया। शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्यव्यापी आह्वान के तहत गुरुवार को आइसा, आरवाईए और भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं ने शहीद पार्क से जिला मुख्यालय स्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा तक जुलूस निकालकर संकल्प सभा आयोजित की। सभा में शिक्षा, रोजगार और छात्र-युवा हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का आह्वान किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) नेता सुनील कुमार राव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने चुनावी वादों से लगातार पीछे हटती रही है। उन्होंने नगरनौसा आंदोलन से जुड़े सभी प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने तथा आंदोलनकारियों की तस्वीरें लुकआउट नोटिस के रूप में जारी किए जाने पर सरकार से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।

आरवाईए के जिला अध्यक्ष फरहान राजा ने कहा कि सिवान में आंदोलनकारियों पर कथित तौर पर एके-47 से फायरिंग का आदेश देने वाले अधिकारी के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, पुलिस की गोलीबारी एवं लाठीचार्ज में घायल आंदोलनकारियों को मुआवजा देने तथा बिहार के विश्वविद्यालयों में 300 प्रतिशत फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की। साथ ही ऑनर्स में नामांकन के लिए 7.5 सीजीपीए की अनिवार्यता समाप्त करने, शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाने और निजी विश्वविद्यालय अधिनियम वापस लेने की भी मांग उठाई।

वक्ता नवीन कुमार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने, सभी रिक्त सरकारी पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने तथा डिग्री कॉलेजों को विश्वविद्यालयों से अलग करने वाले विधेयक को वापस लेने की मांग की।

सभा को सुरेंद्र चौधरी, संजय मुखिया, बिरेंद्र पासवान, संजय यादव, योगेंद्र यादव एवं धर्म कुशवाहा सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने छात्र-युवा हितों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।

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