रमज़ान के पाक महीने में तरावीह की नमाज़ को सबसे बेहतरीन इबादत बताते हुए मुफ़्ती हाफ़िज़ कमरुल होदा ने कहा कि अल्लाह तआला फरमाता है—रमजान मेरा महीना है और इसका अज्र मैं ख़ुद दूँगा। शुक्रवार की रात शहर के अस्पताल रोड स्थित मस्जिद में खत्म तरावीह के मौके पर उन्होंने नमाज़ियों को संबोधित करते हुए रमजान की अहमियत और तरावीह की फज़ीलत पर रोशनी डाली।
मुख्य बिंदु
- रमज़ान की रात का क़याम (नमाज़) अल्लाह की ख़ास इबादत है।
- तरावीह में एक बार पूरा क़ुरआन सुनना सुन्नत है, जो 20 रकअत में पढ़ा जाता है।
- बच्चे, बड़े और बुज़ुर्ग सभी तरावीह में शिरकत करते हैं; असमर्थ व्यक्ति कुर्सी पर बैठकर नमाज़ पढ़ सकते हैं।
- तरावीह ईद का चाँद दिखने तक जारी रहती है; एक ख़त्म क़ुरआन सुनना सुन्नत बताया गया।
- खत्म तरावीह पर उम्मत, बीमारों की शिफ़ा, मरहूमीन की मग़फ़िरत और देश-दुनिया में अमन व भाईचारे की दुआ की गई।
अल्लाह अपने बंदो से कहता है की रमजान मेरा महीना है और इसका अज्र हम खुद देंगे, कहा गया है कि दिन मे रोजे रखो और रात मे कयाम(नमाज़)करो। इसलिए रमज़ानुल मुबारक की सबसे खूबसूरत इबादत तरावीह की नमाज होती है।
उक्त बाते मुफ्ती हाफिज कमरुल होदा ने कही, वे शुक्रवार की रात्रि शहर के अस्पताल रोड स्थित मस्जिद मे खत्म हुई तरावीह की नमाज मे नमाज़ियों को सम्बोधित करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा की रमजान के महीने मे चाँद देखने के बाद तरावीह की नमाज पुरी दुनिया मे शुरु हो जाती है और ईद का चाँद देखने के बाद ही खत्म होती है। उन्होंने बताया की तरावीह की नमाज मे एक मर्तबा पुरे कुरान का सुनना सुन्नत होता है ईमाम बीस रकअत नमाज मे कुरान पढ़ता है, नमाजी उसको पूरे एहतमाम के साथ बीस रकअत नमाज के दौरान सुनते है। रमजान का सबसे बेहतरीन ईबादत तरावीह की नमाज होती है, जो लगभग दो घंटे चलती है। इस नमाज को बच्चे बड़े बूढ़े सभी पढ़ते है। जो व्यक्ति इतनी देर खड़ा नही हो सकता वह कुर्सी पर बैठ कर नमाज पढ़ता है। शुक्रवार की रात्रि अस्पताल रोड मे तरावीह की नमाज खत्म हुई।
मुफ्ती ने बताया की एक खत्म कुरान सुनना सुन्नत है।तरावीह की नमाज खत्म नही हुई है।तरावीह की नमाज ईद की चाँद देखने के बाद ही खत्म होती है।जहा तरावीह की नमाज खत्म हो जाती है वहा सूरह तरावीह की नमाज पढ़ाई जाती है।
मस्जिद के जिम्मेदार वकील बरमकी नमाजियो को कोई परेशानी नही हो इसके लिए सारे इंतजाम किए हुए थे।खत्म तरावीह पर पूरे उम्मत के लिए दुआ मांगी गई।जो बीमार हो उनके लिए स्वास्थ्य होने की दुआ की गई।जो इस दुनिया से गुजर चुके है उनके लिए मगफिरत के लिए दुआ मांगी गई।देश व दुनिया मे अमन चयन,मोहब्बत,भाईचारगी क़ायम रहे इसके लिए भी दुआ मांगी गई।

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